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कक्षा 9 हिंदी – क्षितिज भाग 1

📖 अध्याय 1: दो बैलों की कथा

NCERT समाधान - सभी प्रश्नों के हल हिंदी में। CBSE और RBSE बोर्ड के लिए।

लेखक: प्रेमचंद

प्रश्न अभ्यास (NCERT Textbook Questions)

प्रश्न 1: कांजीहौस में कैद पशुओं की हाज़िरी क्यों ली जाती होगी?
उत्तर: कांजीहौस में कैद पशुओं की हाज़िरी इसलिए ली जाती होगी ताकि कैद पशुओं की संख्या का पता चल सके और यह पता लगाया जा सके कि उनमें से कोई भाग या मर तो नहीं गया है। [citation:5][citation:7]
प्रश्न 2: छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम क्यों उमड़ आया?
उत्तर: छोटी बच्ची की माँ मर चुकी थी। वह माँ के बिछुड़ने का दर्द जानती थी। इसलिए जब उसने हीरा-मोती की व्यथा देखी तो उसके मन में उनके प्रति प्रेम उमड़ आया। उसे लगा कि वे भी उसी की तरह अभागे हैं और अपने मालिक से दूर हैं। [citation:5][citation:7]
प्रश्न 3: कहानी में बैलों के माध्यम से कौन-कौन से नीति-विषयक मूल्य उभरकर आए हैं?
उत्तर: इस कहानी में बैलों के माध्यम से निम्नलिखित नीति-विषयक मूल्य उभरकर आए हैं:
  • विपत्ति के समय हमेशा मित्र की सहायता करनी चाहिए।
  • आज़ादी के लिए हमेशा सजग एवं संघर्षशील रहना चाहिए।
  • अपने समुदाय के लिए अपने हितों का त्याग करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
  • आज़ादी बहुत बड़ा मूल्य है। इसे पाने के लिए मनुष्य को बड़े-से-बड़ा कष्ट उठाने को तैयार रहना चाहिए।
[citation:5][citation:7]
प्रश्न 4: प्रस्तुत कहानी में प्रेमचंद ने गधे की किन स्वभावगत विशेषताओं के आधार पर उसके प्रति रूढ़ अर्थ 'मूर्ख' का प्रयोग न कर किसी नए अर्थ की ओर संकेत किया है?
उत्तर: प्रेमचंद ने गधे की सहनशीलता, सीधेपन, क्रोध न करने, हानि-लाभ तथा सुख-दुःख में समान रहने आदि गुणों के आधार पर उसे बेवकूफ के स्थान पर संत स्वभाव का प्राणी करार दिया है, जो बहुत अधिक सीधेपन के कारण सामान्य लोगों द्वारा नहीं समझा जाता। [citation:5][citation:7]
प्रश्न 5: किन घटनाओं से पता चलता है कि हीरा और मोती में गहरी दोस्ती थी?
उत्तर: हीरा और मोती में गहरी दोस्ती थी। कहानी के कुछ प्रसंगों से यह स्पष्ट होता है:
  • दोनों एक-दूसरे को चाटकर और सूँघकर अपना प्रेम प्रकट करते थे।
  • जब ये दोनों बैल हल या गाड़ी में जोत दिए जाते तो दोनों ज़्यादा से ज़्यादा बोझ स्वयं झेलकर दूसरे को कम बोझ देने की चेष्टा करते।
  • नाँद में खली-भूसा पड़ जाने के बाद दोनों साथ ही नाँद में मुँह डालते और साथ ही बैठते थे। एक के मुँह हटा लेने पर दूसरा भी हटा लेता था।
  • जब कुछ लोगों ने खेत से पकड़कर ले जाने के लिए दोनों को घेर लिया, तब हीरा निकल गया, परंतु मोती के पकड़े जाने पर वह भी बंधक बनने के लिए स्वयं ही लौट आया।
  • कांजीहौस की दीवार के टूटने पर जब हीरा ने भागने से मना कर दिया तो अवसर होने के बावजूद भी मोती उसे छोड़कर नहीं भागा।
[citation:5][citation:7]
प्रश्न 6: "लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो।" - हीरा के इस कथन के माध्यम से स्त्री के प्रति प्रेमचंद के दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: हीरा के इस कथन से यह ज्ञात होता है कि समाज में स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। उन्हें शारीरिक यातनाएँ दी जाती थीं। इसलिए समाज में ये नियम बनाए जाते थे कि उन्हें पुरुष समाज शारीरिक दंड न दे। हीरा और मोती भले इंसानों के प्रतीक हैं। इसलिए उनके कथन सभ्य समाज पर लागू होते हैं। असभ्य समाज में स्त्रियों की प्रताड़ना होती रहती थी। [citation:5][citation:7]
प्रश्न 7: किसान जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को कहानी में किस तरह व्यक्त किया गया है?
उत्तर: किसान जीवन में पशु और मनुष्य के बीच भावनात्मक संबंध होते हैं। झूरी अपने बैलों से प्रेम करता था। बैल भी उसके प्रति वफादार थे। किसान के लिए बैल परिवार के सदस्य जैसे होते हैं। यह कहानी इसी आत्मीय संबंध को दर्शाती है। [citation:13][citation:14]
प्रश्न 8: 'इतना तो हो ही गया कि नौ-दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे' - इस कथन से हीरा-मोती के स्वभाव की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?
उत्तर: इस कथन से पता चलता है कि हीरा-मोती परोपकारी और दयालु स्वभाव के थे। वे दूसरे पशुओं की जान बचाकर प्रसन्न थे। उन्हें अपनी स्वतंत्रता से अधिक दूसरों की भलाई की चिंता थी। यह उनके त्याग और सहानुभूति को दर्शाता है। [citation:10]

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