← कक्षा 9 हिंदी पर वापस जाएँ
कक्षा 9 हिंदी – कृतिका भाग 1
मेरे संग की औरतें
लेखिका – मृदुला गर्ग
📄 PDF
अध्याय 2 – NCERT प्रश्न-उत्तर
नीचे पाठ के
8 मुख्य अभ्यास प्रश्नों
के सरल और अपने शब्दों में उत्तर दिए गए हैं।
प्रश्नों को संक्षेप में लिखा गया है ताकि पाठ्यपुस्तक का लंबा
मूल पाठ दोहराया न जाए।
प्रश्न 1. लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा नहीं, फिर भी उनके व्यक्तित्व से क्यों प्रभावित थीं?
उत्तर:
लेखिका ने नानी को प्रत्यक्ष नहीं देखा था, लेकिन उनके जीवन और विचारों के बारे में परिवार से सुना था।
नानी परंपरागत जीवन जीने के बावजूद स्वतंत्र सोच रखती थीं, देश से प्रेम करती थीं और अपनी बेटी के भविष्य
को लेकर साहसपूर्वक निर्णय लेना चाहती थीं। यही स्वतंत्र और साहसी व्यक्तित्व लेखिका को प्रभावित करता था।
प्रश्न 2. नानी ने स्वतंत्रता आंदोलन में किस प्रकार योगदान दिया?
उत्तर:
नानी ने स्वतंत्रता आंदोलन में प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लिया, लेकिन उनके विचार और देशप्रेम
स्वतंत्रता की भावना से जुड़े थे। उन्होंने अपनी बेटी के लिए ऐसे जीवनसाथी की इच्छा व्यक्त की
जो देश और स्वतंत्रता के प्रति समर्पित हो। इस प्रकार उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्रीय भावना
का समर्थन किया।
प्रश्न 3. (क) लेखिका की माँ के व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
लेखिका की माँ ईमानदार, निष्पक्ष, स्वतंत्र विचारों वाली और दृढ़ व्यक्तित्व की महिला थीं।
वे झूठ नहीं बोलती थीं और किसी की निजी बात दूसरे से साझा नहीं करती थीं।
उन्हें साहित्य, पुस्तकों और संगीत में रुचि थी।
वे पारंपरिक भूमिकाओं को आँख बंद करके स्वीकार करने के बजाय अपनी स्वतंत्र पहचान के साथ जीवन जीती थीं।
प्रश्न 3. (ख) उनके घर के वातावरण की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
घर का वातावरण सामान्य रूढ़ियों से अलग था।
परिवार में व्यक्तियों को अपनी स्वतंत्रता और निजता बनाए रखने का अवसर मिलता था।
लड़के और लड़कियों को समान महत्व दिया जाता था तथा महिलाओं से केवल पारंपरिक पत्नी,
माँ या बहू जैसी भूमिकाएँ निभाने की अपेक्षा नहीं की जाती थी।
प्रश्न 4. कल्पना कीजिए कि परदादी ने पहली संतान के रूप में लड़की होने की मन्नत क्यों माँगी होगी?
उत्तर:
संभवतः परदादी लड़कियों को भी लड़कों के बराबर महत्व देती थीं और चाहती थीं कि परिवार में बेटी को
समान सम्मान मिले। उस समय जब अधिकांश लोग पुत्र की कामना करते थे, लड़की के लिए मन्नत माँगना
उनकी प्रगतिशील और स्वतंत्र सोच को दर्शाता है।
प्रश्न 5. डराने या दबाव डालने के बजाय सहज व्यवहार से किसी को सही राह पर लाने के कथन को
पाठ के आधार पर समझाइए।
उत्तर:
पाठ में चोर के साथ किया गया व्यवहार इसका उदाहरण है।
उसे अपमानित या डराने के बजाय सम्मान और सहजता से व्यवहार किया गया।
इस अनुभव ने उसके मन पर गहरा प्रभाव डाला और उसने चोरी छोड़कर खेती करने का रास्ता अपनाया।
इससे पता चलता है कि विश्वास और मानवीय व्यवहार भी व्यक्ति में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
प्रश्न 6. “शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है” की दिशा में लेखिका ने क्या प्रयास किए?
उत्तर:
लेखिका ऐसे स्थान पर पहुँचीं जहाँ बच्चों के लिए उचित स्कूल की सुविधा नहीं थी।
उन्होंने पहले स्कूल खोलने के लिए संबंधित लोगों से सहायता माँगी, लेकिन पर्याप्त सहयोग न मिलने पर
स्वयं पहल की। उन्होंने ऐसा प्राथमिक विद्यालय शुरू करवाया जिसमें अंग्रेज़ी, हिंदी और कन्नड़ जैसी
भाषाओं में शिक्षा दी जा सके और उसे सरकारी मान्यता भी दिलाई।
प्रश्न 7. पाठ के आधार पर बताइए कि किन गुणों वाले लोगों को श्रद्धा की दृष्टि से देखा जाता है?
उत्तर:
दृढ़ निश्चयी, ईमानदार, सत्य बोलने वाले, दूसरों की गोपनीय बातों का सम्मान करने वाले
और समाज के लिए सकारात्मक काम करने वाले लोगों को सम्मान मिलता है।
जो व्यक्ति रूढ़ियों से अलग सोचकर अच्छे बदलाव की पहल करता है,
उसका व्यक्तित्व भी लोगों के लिए प्रेरणादायक बनता है।
प्रश्न 8. “अकेलेपन का मज़ा ही कुछ और है” के आधार पर लेखिका और उनकी बहन के व्यक्तित्व पर
अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
लेखिका और उनकी बहन दोनों आत्मनिर्भर, दृढ़ निश्चयी और अपनी राह स्वयं चुनने वाली थीं।
वे कठिन परिस्थितियों में भी दूसरों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहती थीं।
दोनों में अपने निर्णय लेने और उन्हें पूरा करने का साहस था।
इसलिए उनका अकेले चलना कमजोरी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और स्वतंत्र व्यक्तित्व का प्रतीक है।
नोट:
यह पृष्ठ अध्ययन के लिए सरल, मौलिक उत्तर देता है।
NCERT अभ्यास के प्रश्नों को संक्षेप/paraphrase करके प्रस्तुत किया गया है।