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कक्षा 9 हिंदी – क्षितिज भाग 1

📖 अध्याय 4: साँवले सपनों की याद

NCERT समाधान - सभी प्रश्नों के हल हिंदी में। CBSE और RBSE बोर्ड के लिए।

लेखक: जाबिर हुसैन

प्रश्न अभ्यास (NCERT Textbook Questions)

प्रश्न 1: लेखक के पिता को किस बात का गर्व था और क्यों?
उत्तर: लेखक के पिता को इस बात का गर्व था कि उनके पूर्वज कभी किसी के पैरों पर नहीं झुके। उनके खानदान ने कभी किसी सरकारी नौकरी नहीं की, न ही अंग्रेजों की चाकरी की। वे अपनी स्वतंत्रता और आत्मसम्मान को सबसे बड़ा मानते थे। यह गर्व उनके खानदानी स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक था .
प्रश्न 2: लेखक के पिता की वेशभूषा कैसी थी?
उत्तर: लेखक के पिता की वेशभूषा बहुत साधारण थी। वे लंबी शेरवानी और चूड़ीदार पाजामा पहनते थे। उनके सिर पर एक बड़ा-सा पगड़ी होती थी और पैरों में लंबे नुकीले जूते होते थे। उनकी यह वेशभूषा उनके पुराने जमाने की नवाबी ठाठ-बाट को दर्शाती थी .
प्रश्न 3: लेखक के पिता अपनी पगड़ी और जूतों को क्यों संभालकर रखते थे?
उत्तर: लेखक के पिता अपनी पगड़ी और जूतों को इसलिए संभालकर रखते थे क्योंकि वे उनके खानदानी स्वाभिमान और प्रतिष्ठा के प्रतीक थे। पगड़ी और जूते उनकी नवाबी संस्कृति का हिस्सा थे। वे उन्हें पहनकर अपने पूर्वजों की विरासत को जीवित रखते थे। इनके माध्यम से वे अपनी खोई हुई शान को महसूस करते थे .
प्रश्न 4: लेखक की माँ की मृत्यु के बाद घर का वातावरण कैसा हो गया था?
उत्तर: लेखक की माँ की मृत्यु के बाद घर का वातावरण बहुत उदास और सूना हो गया था। पिता जी अकेले रह गए थे और उनकी आँखों में एक अजीब-सी वेदना झलकती थी। वे अपनी पत्नी की याद में खोए रहते थे। घर की रौनक और चहल-पहल समाप्त हो गई थी। बच्चों को भी माँ की कमी हर पल महसूस होती थी .
प्रश्न 5: लेखक को अपने पिता की कौन-कौन सी बातें याद आती हैं?
उत्तर: लेखक को अपने पिता की निम्नलिखित बातें याद आती हैं:
  • उनकी लंबी शेरवानी, चूड़ीदार पाजामा, बड़ी पगड़ी और नुकीले जूते।
  • उनका खानदानी स्वाभिमान और आत्मसम्मान।
  • उनका अंग्रेजों की चाकरी से दूर रहना।
  • उनकी आँखों में माँ की मृत्यु के बाद झलकने वाली वेदना।
  • उनका सादा और अनुशासित जीवन।
  • उनका बच्चों से प्रेम और स्नेह।
प्रश्न 6: 'साँवले सपनों की याद' पाठ में लेखक ने अपने पिता के माध्यम से किस संस्कृति को चित्रित किया है?
उत्तर: लेखक ने अपने पिता के माध्यम से उस पुरानी नवाबी संस्कृति को चित्रित किया है जिसमें स्वाभिमान, आत्मसम्मान, खानदानी प्रतिष्ठा और स्वतंत्रता का बहुत महत्व था। यह संस्कृति अंग्रेजों की गुलामी से दूर थी और अपने पूर्वजों की विरासत को संजोए हुए थी। इस संस्कृति में सादगी और अनुशासन था, परंतु साथ ही एक ठाठ-बाट और रईसी भी थी। लेखक ने इस संस्कृति के माध्यम से उस दौर की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को उजागर किया है .
प्रश्न 7: लेखक के पिता की मृत्यु के बाद लेखक के जीवन में क्या परिवर्तन आए?
उत्तर: लेखक के पिता की मृत्यु के बाद लेखक के जीवन में निम्नलिखित परिवर्तन आए:
  • लेखक को अपने पिता की बहुत कमी महसूस हुई।
  • उसे लगा कि उसका बचपन ही छिन गया है।
  • उसके जीवन से स्नेह और मार्गदर्शन की छाया समाप्त हो गई।
  • उसे अपने पिता की यादों के सहारे जीना पड़ा।
  • उसके मन में पिता की साँवली छवि हमेशा बनी रही।

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