पेज 108 – इनटेक्स्ट प्रश्न
प्रश्न 1:
गुरुत्वाकर्षण बल किसे कहते हैं?
उत्तर: गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) वह आकर्षण बल है जो ब्रह्मांड की प्रत्येक वस्तु दूसरी वस्तु पर लगाती है ।
यह बल सदैव आकर्षण का होता है, प्रतिकर्षण का नहीं।
उदाहरण: पृथ्वी हमें अपनी ओर आकर्षित करती है, हम भी पृथ्वी को आकर्षित करते हैं (परन्तु हमारा द्रव्यमान बहुत कम होने के कारण यह बल नगण्य होता है) ।
प्रश्न 2:
गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम की खोज किसने की और कैसे?
उत्तर: गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम की खोज सर आइजैक न्यूटन ने की थी ।
- कैसे: न्यूटन ने एक दिन बगीचे में बैठे हुए एक सेब को पेड़ से गिरते देखा ।
- इससे उनके मन में विचार आया कि पृथ्वी किसी बल द्वारा सेब को अपनी ओर आकर्षित करती है ।
- फिर उन्होंने सोचा कि यही बल चंद्रमा को पृथ्वी के चारों ओर घुमाए रखता है ।
- अंततः उन्होंने 1687 में अपनी पुस्तक "प्रिंसिपिया" में गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम प्रस्तुत किया ।
न्यूटन का विचार था – "ब्रह्मांड में प्रत्येक वस्तु दूसरी वस्तु को एक बल से आकर्षित करती है।"
प्रश्न 3:
गुरुत्वाकर्षण बल का सूत्र क्या है?
उत्तर: न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के अनुसार :
F = G × (m₁ × m₂) / r²
जहाँ :
- F = दोनों वस्तुओं के बीच गुरुत्वाकर्षण बल
- G = सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक (6.67 × 10⁻¹¹ N m²/kg²)
- m₁ और m₂ = दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान
- r = दोनों वस्तुओं के केंद्रों के बीच की दूरी
पेज 111 – इनटेक्स्ट प्रश्न
प्रश्न 1:
गुरुत्वीय त्वरण (g) क्या है?
उत्तर: जब कोई वस्तु केवल गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव में स्वतंत्र रूप से गिरती है, तो उसमें उत्पन्न होने वाले त्वरण को गुरुत्वीय त्वरण (g) कहते हैं ।
g का मान = 9.8 m/s² (पृथ्वी की सतह पर)
g का मान स्थान के अनुसार बदलता है –
- पृथ्वी की सतह पर अधिकतम
- ऊँचाई पर कम
- गहराई में कम
- ध्रुवों पर अधिक, विषुवत् रेखा पर कम
प्रश्न 2:
g और G के बीच संबंध लिखिए।
उत्तर: गुरुत्वीय त्वरण (g) और सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक (G) के बीच संबंध :
g = GM / R²
जहाँ :
- M = पृथ्वी का द्रव्यमान
- R = पृथ्वी की त्रिज्या
- G = सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक
नोट: g का मान G, M और R पर निर्भर करता है, जबकि G एक सार्वत्रिक स्थिरांक है जो हर जगह समान रहता है ।
प्रश्न 3:
किसी वस्तु का भार और द्रव्यमान में अंतर बताएँ।
| द्रव्यमान (Mass) | भार (Weight) |
| वस्तु में पदार्थ की मात्रा है । | वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण बल है । |
| यह एक अदिश राशि है । | यह एक सदिश राशि है (दिशा नीचे की ओर) । |
| इसका मान हर जगह समान रहता है । | इसका मान स्थान के साथ बदलता है । |
| इसे तुला (Balance) से मापते हैं । | इसे स्प्रिंग तुला (Spring Balance) से मापते हैं । |
| SI मात्रक = kg | SI मात्रक = N (न्यूटन) |
| किसी भी वस्तु का द्रव्यमान कभी भी शून्य नहीं होता । | किसी भी वस्तु का भार शून्य हो सकता है (अंतरिक्ष में) । |
भार (W) = द्रव्यमान (m) × गुरुत्वीय त्वरण (g) ⇒ W = mg
प्रश्न 4:
पृथ्वी की सतह पर किसी वस्तु का भार क्या है? यदि उसका द्रव्यमान 10 kg है।
उत्तर:
- द्रव्यमान (m) = 10 kg
- g = 9.8 m/s²
- भार (W) = m × g = 10 × 9.8 = 98 N
वस्तु का भार = 98 N (न्यूटन) होगा ।
पेज 113 – इनटेक्स्ट प्रश्न
प्रश्न 1:
एक वस्तु को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है। यह 5 s के बाद वापस जमीन पर आ जाती है। वस्तु का प्रारंभिक वेग और अधिकतम ऊँचाई ज्ञात करें। (g = 10 m/s²)
उत्तर:
- कुल समय = 5 s
- ऊपर जाने का समय = नीचे आने का समय = 5/2 = 2.5 s
- उच्चतम बिंदु पर v = 0 m/s, g = –10 m/s²
- v = u + gt
- 0 = u + (–10) × 2.5
- 0 = u – 25 ⇒ u = 25 m/s
- s = ut + ½gt²
- s = 25 × 2.5 + ½ × (–10) × (2.5)²
- s = 62.5 – 31.25 = 31.25 m
प्रारंभिक वेग = 25 m/s, अधिकतम ऊँचाई = 31.25 m
प्रश्न 2:
एक पत्थर 19.6 m ऊँचे एक मीनार की चोटी से गिराया जाता है। पत्थर कितने समय में जमीन पर पहुँचेगा?
उत्तर:
- ऊँचाई (h) = 19.6 m
- प्रारंभिक वेग (u) = 0 m/s
- g = 9.8 m/s²
- h = ut + ½gt²
- 19.6 = 0 + ½ × 9.8 × t²
- 19.6 = 4.9 × t²
- t² = 19.6 / 4.9 = 4
- t = 2 s
पत्थर 2 सेकंड में जमीन पर पहुँचेगा ।
अभ्यास (Exercises) – पाठ के अंत में दिए गए प्रश्न
प्रश्न 1:
पृथ्वी और चंद्रमा के बीच गुरुत्वाकर्षण बल किस पर अधिक है? पृथ्वी पर या चंद्रमा पर?
उत्तर: दोनों पर समान (परंतु विपरीत दिशा में) ।
न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के नियम के अनुसार, पृथ्वी चंद्रमा पर उतना ही बल लगाती है जितना चंद्रमा पृथ्वी पर लगाता है ।
"प्रत्येक क्रिया के लिए समान एवं विपरीत प्रतिक्रिया होती है" – यहाँ F₁ = F₂ ।
प्रश्न 2:
सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक G का मान क्या है?
उत्तर: G = 6.67 × 10⁻¹¹ N m²/kg²
नोट: G का मान हर जगह स्थिर रहता है – चाहे ब्रह्मांड का कोई भी स्थान हो ।
प्रश्न 3:
g का मान कहाँ अधिक होगा – ध्रुवों पर या विषुवत् रेखा पर?
उत्तर: g का मान ध्रुवों पर अधिक तथा विषुवत् रेखा पर कम होता है ।
कारण:
- पृथ्वी ध्रुवों पर चपटी और विषुवत् रेखा पर उभरी हुई है – जिससे विषुवत् रेखा पर त्रिज्या अधिक होती है ।
- g = GM/R² – R अधिक होने पर g कम होता है ।
- इसलिए gध्रुव > gविषुवत ।
प्रश्न 4:
यदि दो वस्तुओं के बीच की दूरी दोगुनी कर दी जाए तो गुरुत्वाकर्षण बल कितना हो जाएगा?
उत्तर: गुरुत्वाकर्षण बल एक-चौथाई (1/4) रह जाएगा ।
F ∝ 1/r² – यदि r को 2r कर दें, तो F = F/4 (चूँकि 2² = 4) ।
प्रश्न 5:
एक वस्तु का द्रव्यमान 10 kg है। पृथ्वी पर इसका भार कितना होगा? (g = 9.8 m/s²)
उत्तर:
- m = 10 kg
- g = 9.8 m/s²
- W = mg = 10 × 9.8 = 98 N
प्रश्न 6:
एक वस्तु का भार 50 N है। इसका द्रव्यमान क्या होगा? (g = 10 m/s²)
उत्तर:
- W = 50 N
- g = 10 m/s²
- W = mg ⇒ m = W/g = 50/10 = 5 kg
प्रश्न 7:
एक वस्तु 20 m/s के वेग से ऊपर की ओर फेंकी जाती है। (g = 10 m/s²)
(a) वस्तु कितनी ऊँचाई तक जाएगी?
(b) कितने समय बाद वापस आएगी?
उत्तर:
- u = 20 m/s, v = 0, g = –10 m/s²
- v² = u² + 2gh
- 0 = (20)² + 2 × (–10) × h
- 0 = 400 – 20h
- h = 400/20 = 20 m
- v = u + gt
- 0 = 20 + (–10)t
- t = 2 s (ऊपर जाने में)
- कुल समय = 2 × 2 = 4 s
(a) अधिकतम ऊँचाई = 20 m, (b) कुल समय = 4 s