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कक्षा 9 विज्ञान – अध्याय 2
🧪 क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं
Is Matter Around Us Pure – पूरा हल हिंदी में। सभी Intext और Exercise प्रश्नों के उत्तर आसान भाषा में। RBSE एवं CBSE दोनों बोर्ड के लिए उपयोगी [citation:2][citation:4]।
पेज 16 – इनटेक्स्ट प्रश्न [citation:1][citation:4]
प्रश्न 1:
पदार्थ से आप क्या समझते हैं? [citation:1]
उत्तर: पदार्थ वे होते हैं जो एक ही प्रकार के कणों से मिलकर बने होते हैं तथा उस पदार्थ में मौजूद सभी कण समान रासायनिक प्रकृति के होते हैं [citation:1]।
उदाहरण: सोना, ताँबा, लोहा, चाँदी आदि।
प्रश्न 2:
समांगी और विषमांगी मिश्रणों में अंतर बताएँ। [citation:1]
उत्तर:
| समांगी मिश्रण (Homogeneous) | विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous) |
| इसकी बनावट हर जगह समान होती है [citation:6]। | इसकी बनावट हर जगह समान नहीं होती [citation:6]। |
| इसके कणों को अलग-अलग नहीं पहचाना जा सकता [citation:6]। | इसके कणों को अलग-अलग पहचाना जा सकता है [citation:6]। |
| उदाहरण: नमक का जल में विलयन, हवा, सिरका [citation:9]। | उदाहरण: रेत और लोहे का मिश्रण, तेल और पानी [citation:8]। |
पेज 20 – इनटेक्स्ट प्रश्न [citation:4][citation:8]
प्रश्न 1:
विलयन, निलंबन और कोलाइड एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न हैं? [citation:1][citation:8]
उत्तर:
| गुण | विलयन (Solution) | कोलाइड (Colloid) | निलंबन (Suspension) |
| प्रकार | समांगी मिश्रण [citation:8] | विषमांगी मिश्रण [citation:8] | विषमांगी मिश्रण [citation:8] |
| कणों का आकार | 1 nm (10⁻⁹ मी.) से छोटा [citation:8] | 10⁻⁹ से 10⁻⁷ मी. के बीच [citation:8] | 10⁻⁷ मी. से अधिक [citation:8] |
| टिण्डल प्रभाव | नहीं दिखाता [citation:3] | दिखाता है [citation:3][citation:8] | दिखाता है [citation:8] |
| स्थायित्व | स्थाई [citation:6] | अपेक्षाकृत स्थाई | अस्थाई (कण बैठ जाते हैं) |
| पृथक्करण विधि | छानकर नहीं अलग कर सकते [citation:6] | अपकेन्द्रण द्वारा [citation:8] | साधारण छानन द्वारा [citation:8] |
प्रश्न 2:
एक संतृप्त विलयन बनाने के लिए 36 g सोडियम क्लोराइड को 100 g जल में 293 K पर घोला जाता है। इस तापमान पर इसकी सांद्रता ज्ञात करें। [citation:1][citation:4]
उत्तर:
- विलेय (सोडियम क्लोराइड) का द्रव्यमान = 36 g
- विलायक (जल) का द्रव्यमान = 100 g
- विलयन का द्रव्यमान = 36 + 100 = 136 g
- सांद्रता = (विलेय का द्रव्यमान / विलयन का द्रव्यमान) × 100
- = (36 / 136) × 100 = 26.47% [citation:4]
पेज 26 – इनटेक्स्ट प्रश्न [citation:4][citation:8]
प्रश्न 1:
पेट्रोल और मिट्टी का तेल (जो आपस में घुलनशील हैं) के मिश्रण को आप कैसे पृथक् करेंगे? इनके क्वथनांकों में 25°C से अधिक का अंतर है। [citation:1][citation:4]
उत्तर: इन्हें प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) विधि द्वारा अलग किया जा सकता है, क्योंकि:
- दोनों द्रव आपस में घुलनशील हैं [citation:4]।
- इनके क्वथनांकों में 25°C से अधिक का अंतर है [citation:4]।
विधि: मिश्रण को गर्म करने पर पेट्रोल (कम क्वथनांक) पहले वाष्पित होकर संघनित होता है तथा मिट्टी का तेल पीछे रह जाता है [citation:1]।
सावधानी: पेट्रोल अति ज्वलनशील है [citation:1]।
प्रश्न 2:
पृथक् करने की सामान्य विधियों के नाम दें: (i) दही से मक्खन (ii) समुद्री जल से नमक (iii) नमक से कपूर। [citation:1][citation:4]
उत्तर:
- (i) दही से मक्खन – अपकेन्द्रण (Centrifugation) [citation:4]
- (ii) समुद्री जल से नमक – क्रिस्टलीकरण (Crystallisation) या वाष्पीकरण [citation:4]
- (iii) नमक से कपूर – उर्ध्वपातन (Sublimation) [citation:4]
प्रश्न 3:
क्रिस्टलीकरण विधि से किस प्रकार के मिश्रणों को पृथक् किया जाता है? [citation:1]
उत्तर: क्रिस्टलीकरण विधि का उपयोग ठोस पदार्थों को शुद्ध करने में किया जाता है [citation:1]। इस विधि से विलयन से उन ठोस पदार्थों को शुद्ध किया जा सकता है जिनमें अन्य ठोस पदार्थ अशुद्धि के रूप में मौजूद होते हैं [citation:4][citation:8]।
उदाहरण: समुद्री जल से शुद्ध नमक प्राप्त करना [citation:4][citation:8]।
पेज 27 – इनटेक्स्ट प्रश्न [citation:4][citation:8]
प्रश्न 1:
निम्न को रासायनिक और भौतिक परिवर्तनों में वर्गीकृत करें: [citation:4][citation:8]
उत्तर:
| क्र. | परिवर्तन | प्रकार |
| 1. | पेड़ों को काटना | भौतिक परिवर्तन [citation:4] |
| 2. | मक्खन का बर्तन में पिघलना | भौतिक परिवर्तन [citation:4] |
| 3. | अलमारी में जंग लगना | रासायनिक परिवर्तन [citation:4] |
| 4. | जल का उबलकर वाष्प बनना | भौतिक परिवर्तन [citation:4] |
| 5. | विद्युत द्वारा जल का H₂ और O₂ में विघटित होना | रासायनिक परिवर्तन [citation:4] |
| 6. | जल में नमक का घुलना | भौतिक परिवर्तन [citation:4] |
| 7. | लकड़ी और कागज का जलना | रासायनिक परिवर्तन [citation:4] |
अभ्यास (Exercises) – पाठ के अंत में दिए गए प्रश्न [citation:9]
प्रश्न 1:
निम्नलिखित को पृथक् करने के लिए आप किन विधियों को अपनाएँगे? [citation:9]
उत्तर:
- (a) जल विलयन से सोडियम क्लोराइड – वाष्पीकरण या क्रिस्टलीकरण
- (b) सोडियम क्लोराइड व अमोनियम क्लोराइड के मिश्रण से अमोनियम क्लोराइड – उर्ध्वपातन
- (c) कार के इंजन ऑयल से धातु के छोटे टुकड़े – छानना
- (d) दही से मक्खन – अपकेन्द्रण
- (e) जल से तेल – पृथक्करण कीप (Separating funnel)
- (f) चाय से चाय की पत्तियाँ – छानना
- (g) बालू से लोहे की पिनें – चुम्बकीय पृथक्करण
- (h) भूसे से गेहूँ के दाने – ओसाई/फटकना (Winnowing)
- (i) पानी में तैरते महीन मिट्टी के कण – अपकेन्द्रण या अवसादन
- (j) पुष्प की पंखुड़ियों के निचोड़ से रंजक – क्रोमैटोग्राफी
प्रश्न 2:
चाय तैयार करने के लिए आप किन-किन चरणों का प्रयोग करेंगे? विलयन, विलायक, विलेय, घुलनशील, अघुलनशील, घुलेय (फ़िल्ट्रेट) तथा अवशेष शब्दों का प्रयोग करें। [citation:9]
उत्तर:
- विलायक: गर्म जल
- विलेय: चाय की पत्तियों में उपस्थित घुलनशील पदार्थ (कैफीन, रंजक आदि)
- विलयन: पानी में घुले हुए चाय के पदार्थ (जो रंग और स्वाद देते हैं)
- घुलनशील: चाय के स्वाद/रंग वाले पदार्थ जो पानी में घुल जाते हैं
- अघुलनशील: चाय की पत्तियाँ (जो पानी में नहीं घुलतीं)
- घुलेय (फ़िल्ट्रेट): छानने के बाद प्राप्त तरल (चाय)
- अवशेष: छानने पर छन्नी पर बची हुई चाय की पत्तियाँ
प्रश्न 3:
निम्नलिखित में से प्रत्येक को समांगी और विषमांगी मिश्रणों में वर्गीकृत करें – सोडा जल, लकड़ी, बर्फ़, वायु, मिट्टी, सिरका, छनी हुई चाय। [citation:9]
उत्तर:
- समांगी मिश्रण: सोडा जल, वायु, सिरका, छनी हुई चाय [citation:9]
- विषमांगी मिश्रण: लकड़ी, बर्फ़ (बर्फ के टुकड़े व पानी का मिश्रण), मिट्टी [citation:9]
नोट: शुद्ध बर्फ़ (केवल ठोस अवस्था) शुद्ध पदार्थ है, लेकिन बर्फ़ + पानी का मिश्रण विषमांगी है।
प्रश्न 4:
निम्नलिखित में से कौन-सी वस्तुएँ शुद्ध पदार्थ हैं? (a) बर्फ़ (b) दूध (c) लोहा (d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल [citation:9]
उत्तर:
- (a) बर्फ़ – शुद्ध पदार्थ है (शुद्ध जल की ठोस अवस्था)।
- (b) दूध – मिश्रण है (पानी, वसा, प्रोटीन आदि का)।
- (c) लोहा – शुद्ध पदार्थ है (एक तत्व)।
- (d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) – शुद्ध पदार्थ है (यदि शुद्ध HCl हो) लेकिन सामान्यतः प्रयोगशाला में यह जल के साथ मिश्रण के रूप में होता है।