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कक्षा 9 विज्ञान – अध्याय 5
🧬 जीवन की मौलिक इकाई
The Fundamental Unit of Life – पूरा हल हिंदी में। सभी Intext और Exercise प्रश्नों के उत्तर आसान भाषा में। RBSE एवं CBSE दोनों बोर्ड के लिए 100% सही एवं उपयोगी ।
पेज 63 – इनटेक्स्ट प्रश्न
प्रश्न 1:
कोशिका की खोज किसने की थी और कैसे?
उत्तर: रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने सन् 1665 में कोशिका की खोज की थी ।
- उन्होंने स्वयं निर्मित सूक्ष्मदर्शी की सहायता से कॉर्क (cork) के पतले टुकड़े का अवलोकन किया ।
- उन्होंने छत्ते जैसी संरचना देखी और इन छोटे-छोटे डिब्बों को कोशिका (Cell) नाम दिया ।
हालाँकि, हुक ने मृत कोशिकाओं का अवलोकन किया था, जीवित कोशिकाओं का नहीं।
प्रश्न 2:
कोशिका सिद्धांत को प्रतिपादित करने वाले वैज्ञानिकों के नाम लिखें।
उत्तर: कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) को प्रतिपादित किया गया:
- श्लाइडन (Matthias Schleiden) – एक जर्मन वनस्पति विज्ञानी, ने 1838 में बताया कि सभी पौधे कोशिकाओं से बने होते हैं ।
- श्वान (Theodor Schwann) – एक जर्मन प्राणी विज्ञानी, ने 1839 में बताया कि सभी जानवर कोशिकाओं से बने होते हैं ।
- बाद में विर्चो (Rudolf Virchow) ने 1855 में कहा – "ओम्निस सेल्युला ए सेल्युला" (सभी कोशिकाएँ पूर्व-विद्यमान कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं) ।
पेज 67 – इनटेक्स्ट प्रश्न
प्रश्न 1:
जीवों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के कोशिकांगों के नाम लिखिए।
उत्तर: कोशिकांगों (Cell Organelles) के नाम:
- केन्द्रक (Nucleus)
- केन्द्रक झिल्ली (Nuclear Membrane)
- केन्द्रक द्रव्य (Nucleoplasm)
- केन्द्रिका (Nucleolus)
- अंतर्द्रव्यीय जालिका (Endoplasmic Reticulum - ER)
- गॉल्जीकाय (Golgi Apparatus/Complex)
- लाइसोसोम (Lysosomes)
- राइबोसोम (Ribosomes)
- माइटोकॉण्ड्रिया (Mitochondria)
- हरितलवक (Plastids)
- रिक्तिका (Vacuoles)
- कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)
- कोशिका झिल्ली (Cell Membrane)
- कोशिका भित्ति (Cell Wall – पादप कोशिकाओं में)
पेज 68 – इनटेक्स्ट प्रश्न
प्रश्न 1:
क्या कोशिका झिल्ली के बिना जीवित कोशिका की कल्पना कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं, कोशिका झिल्ली के बिना जीवित कोशिका की कल्पना नहीं की जा सकती, क्योंकि:
- कोशिका झिल्ली कोशिका को बाहरी वातावरण से अलग करती है ।
- यह चयनात्मक पारगम्य (selectively permeable) होती है, जो आवश्यक पदार्थों को अंदर आने और अनावश्यक पदार्थों को बाहर जाने देती है ।
- यह कोशिका को आकार प्रदान करती है और उसकी सुरक्षा करती है ।
कोशिका झिल्ली के बिना कोशिका जीवित नहीं रह सकती।
प्रश्न 2:
कोशिका के बाहर तथा अंदर द्रवों में क्या अंतर होता है?
उत्तर:
| कोशिका के बाहर (बाह्य कोशिकीय द्रव) | कोशिका के अंदर (अंतः कोशिकीय द्रव) |
| इसमें पानी, खनिज, पोषक तत्व, ऑक्सीजन आदि होते हैं । | इसमें कोशिकाद्रव्य, कोशिकांग, आरएनए, प्रोटीन आदि होते हैं । |
| सांद्रता अपेक्षाकृत कम होती है । | सांद्रता अपेक्षाकृत अधिक होती है । |
| विभिन्न आयनों (Na⁺, Cl⁻ आदि) की सांद्रता भिन्न होती है । | K⁺ आयनों की सांद्रता अधिक होती है । |
इस अंतर के कारण ही विसरण (Diffusion) एवं परासरण (Osmosis) होता है ।
प्रश्न 3:
यदि अंडे को छिलके रहित करके जल में रखा जाए तो क्या होता है? क्यों?
उत्तर: यदि अंडे का छिलका उतारकर उसे शुद्ध जल में रखा जाए, तो वह फूल जाता है क्योंकि:
- अंडे के अंदर का द्रव अति-परासरणी (hypertonic) होता है, जिसमें अधिक विलेय पदार्थ होते हैं ।
- बाहर का जल अल्प-परासरणी (hypotonic) होता है।
- परासरण (Osmosis) के कारण जल कोशिका के अंदर प्रवेश करता है और अंडा फूल जाता है ।
इसी प्रकार, यदि अंडे को नमक के घोल में रखा जाए तो वह सिकुड़ जाता है (बाह्य-परासरण - Exosmosis) ।
पेज 71 – इनटेक्स्ट प्रश्न
प्रश्न 1:
क्या सभी कोशिकाओं में केन्द्रक होता है?
उत्तर: नहीं, सभी कोशिकाओं में केन्द्रक नहीं होता है ।
- जिन कोशिकाओं में केन्द्रक नहीं होता, उन्हें प्राक्केन्द्रकी (Prokaryotic) कोशिकाएँ कहते हैं (जैसे – बैक्टीरिया, नील-हरित शैवाल) ।
- जिन कोशिकाओं में केन्द्रक होता है, उन्हें सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाएँ कहते हैं (जैसे – पौधे, जानवर, कवक) ।
प्राक्केन्द्रकी कोशिकाओं में आनुवंशिक पदार्थ (DNA) न्यूक्लियॉइड क्षेत्र में बिखरा होता है, जबकि सुकेन्द्रकी में झिल्लीबद्ध केन्द्रक होता है ।
प्रश्न 2:
संगठित कोशिकांगों की उपस्थिति से कोशिका को क्या लाभ होता है?
उत्तर: संगठित (झिल्लीबद्ध) कोशिकांगों के लाभ:
- विभिन्न जैव-रासायनिक क्रियाएँ एक साथ लेकिन अलग-अलग होती हैं – जिससे दक्षता बढ़ती है ।
- हानिकारक पदार्थ कोशिकाद्रव्य से अलग रहते हैं (उदाहरण: लाइसोसोम में पाचक एंजाइम) ।
- विभाजन (Compartmentalization) से कोशिका की कार्यक्षमता बढ़ती है ।
- विभिन्न कोशिकांगों में विभिन्न pH एवं वातावरण बनाए रखा जा सकता है ।
पेज 72 – इनटेक्स्ट प्रश्न
प्रश्न 1:
संगठित कोशिकांगों की उपस्थिति से कोशिका को क्या लाभ होता है? (Repeat - already covered above)
उत्तर: ऊपर उत्तर दिया जा चुका है – विभाजन, दक्षता, सुरक्षा एवं विभिन्न वातावरणों का निर्माण ।
पेज 73 – इनटेक्स्ट प्रश्न
प्रश्न 1:
पौधों तथा जंतुओं की कोशिकाओं में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर:
| पादप कोशिका (Plant Cell) | जंतु कोशिका (Animal Cell) |
| कोशिका भित्ति (Cell wall) होती है । | कोशिका भित्ति नहीं होती । |
| हरितलवक (Plastids) होते हैं (प्रकाश संश्लेषण के लिए) । | हरितलवक नहीं होते । |
| बड़ी रिक्तिका (Vacuole) होती है । | छोटी-छोटी रिक्तिकाएँ होती हैं । |
| केन्द्रक किनारे (साइड) पर होता है । | केन्द्रक बीच (सेंटर) में होता है । |
प्रश्न 2:
कोशिका का पावरहाउस किसे कहते हैं? क्यों?
उत्तर: माइटोकॉण्ड्रिया को कोशिका का पावरहाउस (Powerhouse) कहा जाता है ।
- इसमें ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) का संश्लेषण होता है, जो कोशिका के सभी जैव-रासायनिक कार्यों के लिए ऊर्जा मुद्रा है ।
- ATP में रासायनिक ऊर्जा संग्रहित होती है, जो कोशिका के कार्यों में प्रयुक्त होती है ।
इसलिए इसे कोशिका का 'पावरहाउस' कहते हैं ।
अभ्यास (Exercises) – पाठ के अंत में दिए गए प्रश्न
प्रश्न 1:
जीवों में उनकी संरचना की मूल इकाई क्या है? इसे खोजने वाले कौन थे?
- जीवों में संरचना की मूल इकाई कोशिका (Cell) है ।
- इसकी खोज रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने सन् 1665 में की थी ।
प्रश्न 2:
कोशिका सिद्धांत के मुख्य बिंदु क्या हैं?
उत्तर: कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) के मुख्य बिंदु :
- सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं ।
- कोशिका जीवन की संरचनात्मक एवं कार्यात्मक मूल इकाई है ।
- सभी कोशिकाएँ पूर्व-विद्यमान कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं (Virchow) ।
प्रश्न 3:
पौधों तथा जंतुओं की कोशिकाओं में अंतर स्पष्ट कीजिए। (तालिका बनाएँ)
| पादप कोशिका | जंतु कोशिका |
| कोशिका भित्ति होती है (सेल्यूलोज की) | कोशिका भित्ति नहीं होती |
| हरितलवक (प्लास्टिड) होते हैं | हरितलवक नहीं होते |
| बड़ी स्थायी रिक्तिका होती है | छोटी-छोटी अस्थायी रिक्तिकाएँ होती हैं |
| केन्द्रक किनारे पर होता है | केन्द्रक बीच में होता है |
| रिक्तिका कोशिका द्रव्य का अधिकांश भाग घेरती है | रिक्तिकाएँ छोटी होती हैं |
प्रश्न 4:
परासरण क्या है? यह कोशिका के लिए कैसे महत्वपूर्ण है?
उत्तर: परासरण (Osmosis) – अर्ध-पारगम्य झिल्ली के द्वारा विलायक (जल) का उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर प्रवाह ।
- यह कोशिका में जल संतुलन बनाए रखता है ।
- पोषक तत्वों का अवशोषण एवं अपशिष्टों का निष्कासन करता है ।
- कोशिका को टर्गिडिटी (स्फीति – दृढ़ता) प्रदान करता है ।
प्रश्न 5:
निम्नलिखित का कार्य लिखें: (i) केंद्रक (ii) माइटोकॉण्ड्रिया (iii) गॉल्जीकाय (iv) लाइसोसोम (v) अंतर्द्रव्यीय जालिका
- केन्द्रक (Nucleus): कोशिका का नियंत्रण केंद्र – आनुवंशिक पदार्थ (DNA/RNA) रखता है और कोशिका के कार्यों को नियंत्रित करता है ।
- माइटोकॉण्ड्रिया (Mitochondria): कोशिका का पावरहाउस – ATP का संश्लेषण (ऊर्जा उत्पादन) करता है ।
- गॉल्जीकाय (Golgi Apparatus): पैकेजिंग एवं परिवहन – प्रोटीनों एवं लिपिडों को संशोधित, संग्रहित एवं परिवहित करता है ।
- लाइसोसोम (Lysosomes): कोशिका का आत्मघाती थैला – पाचक एंजाइम रखता है, पुरानी कोशिकाओं को पचाता है (Autolysis) ।
- अंतर्द्रव्यीय जालिका (ER): प्रोटीन एवं लिपिड के संश्लेषण एवं परिवहन में सहायक – रूक्ष (Rough ER) पर राइबोसोम होते हैं तथा चिकनी (Smooth ER) लिपिड संश्लेषण में सहायक ।
प्रश्न 6:
कोशिकाद्रव्य क्या है? कोशिका के कार्यों में इसकी क्या भूमिका है?
उत्तर: कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) – कोशिका झिल्ली के अंदर तथा केन्द्रक के बाहर का अर्ध-तरल पदार्थ ।
- इसमें विभिन्न कोशिकांग निलंबित रहते हैं ।
- यह कोशिका के भीतर पदार्थों के संचलन में सहायक है ।
- अनेक जैव-रासायनिक क्रियाएँ (जैसे – ग्लाइकोलाइसिस) यहीं होती हैं ।
प्रश्न 7:
कोशिका के किस कोशिकांग को 'आत्मघाती थैली' कहते हैं? क्यों?
उत्तर: लाइसोसोम को 'आत्मघाती थैली' (Suicidal Bag) कहते हैं ।
- इसमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम होते हैं जो कोशिका के बाहर या अंदर के पदार्थों को पचाते हैं ।
- क्षतिग्रस्त होने पर लाइसोसोम अपने एंजाइम छोड़कर पूरी कोशिका को पचा देता है (Autolysis) ।