वापस जाएँ (Back to Science)
कक्षा 9 विज्ञान – अध्याय 7

🌿 जीवों में विविधता (Diversity in Living Organisms)

Diversity in Living Organisms – पूरा हल हिंदी में। सभी Intext और Exercise प्रश्नों के उत्तर आसान भाषा में। RBSE एवं CBSE दोनों बोर्ड के लिए 100% सही एवं उपयोगी ।

PDF डाउनलोड करें

पेज 90 – इनटेक्स्ट प्रश्न

प्रश्न 1:

जीवों के वर्गीकरण के लिए सर्वाधिक मूलभूत लक्षण क्या हो सकता है?
(a) उनका निवास स्थान
(b) उनकी कोशिका संरचना

उत्तर: (b) उनकी कोशिका संरचना – जीवों के वर्गीकरण के लिए सर्वाधिक मूलभूत लक्षण उनकी कोशिका संरचना है [citation:1][citation:2]।

  • कोशिका संरचना (प्रोकैरियोटी या यूकैरियोटी) जीवों के मूल वर्गीकरण का आधार है ।
  • निवास स्थान (जल, स्थल, वायु) भ्रामक हो सकता है क्योंकि एक ही आवास में अनेक प्रकार के जीव रहते हैं [citation:1]।

प्रश्न 2:

जीवों के प्रारंभिक विभाजन के लिए किस मूल लक्षण को आधार बनाया गया?

उत्तर: जीवों के प्रारंभिक विभाजन के लिए कोशिका की प्रकृति को आधार बनाया गया –

  • प्रोकैरियोटी (Prokaryotic) – जिनमें सुस्पष्ट केंद्रक नहीं होता (जैसे – बैक्टीरिया, सायनोबैक्टीरिया) [citation:1]।
  • यूकैरियोटी (Eukaryotic) – जिनमें सुस्पष्ट केंद्रक एवं झिल्लीबद्ध कोशिकांग होते हैं (जैसे – पौधे, जंतु, कवक) [citation:1][citation:2]।

प्रश्न 3:

किस आधार पर जंतुओं और वनस्पतियों को एक-दूसरे से भिन्न वर्ग में रखा जाता है?

उत्तर: जंतुओं और वनस्पतियों को निम्न आधारों पर भिन्न वर्गों में रखा जाता है [citation:1][citation:2]:

पादप (Plantae)जंतु (Animalia)
स्वपोषी – प्रकाश-संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं [citation:1]।विषमपोषी – भोजन बाहर से ग्रहण करते हैं [citation:1]।
कोशिका भित्ति सेल्यूलोज की बनी होती है [citation:1]।कोशिका भित्ति अनुपस्थित होती है [citation:1]।
क्लोरोफिल (हरितलवक) उपस्थित होता है [citation:1]।क्लोरोफिल अनुपस्थित होता है [citation:1]।
गतिहीन (स्थिर) होते हैं [citation:1]।अधिकांश चलायमान होते हैं [citation:1]।

पेज 92 – इनटेक्स्ट प्रश्न

प्रश्न 1:

आदिम जीव किसे कहते हैं? ये तथाकथित उन्नत जीवों से किस प्रकार भिन्न हैं?

उत्तर: आदिम जीव (Primitive organisms) – वे जीव जिनकी शारीरिक संरचना में प्राचीन काल से लेकर आज तक कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ है [citation:1][citation:2]।

  • आदिम जीव: सरल शारीरिक संरचना, कम विकसित अंग (जैसे – बैक्टीरिया, शैवाल) [citation:1]।
  • उन्नत जीव: जटिल शारीरिक संरचना, विकसित अंग-तंत्र (जैसे – मनुष्य, पक्षी) [citation:1]।
याद रखें: "आदिम" और "उन्नत" शब्द भ्रामक हैं – बेहतर है "प्राचीन" और "नए" जीव कहें [citation:1]।

प्रश्न 2:

क्या उन्नत जीव और जटिल जीव एक ही होते हैं?

उत्तर: हाँ, उन्नत जीव और जटिल जीव एक ही होते हैं [citation:1]।

  • विकास के दौरान जीवों में जटिलता बढ़ती जाती है ।
  • प्राचीन (आदिम) जीव सरल होते हैं, जबकि नए (उन्नत) जीव अपेक्षाकृत जटिल होते हैं [citation:1]।

पेज 93-95 – इनटेक्स्ट प्रश्न

प्रश्न 1:

मोनेरा अथवा प्रोटिस्टा जैसे जीवों के वर्गीकरण के मापदंड क्या हैं?

उत्तर:

  • मोनेरा (Monera): प्रोकैरियोटी, एककोशिक, झिल्लीबद्ध कोशिकांग नहीं, कुछ में कोशिका भित्ति होती है [citation:1][citation:2]।
  • प्रोटिस्टा (Protista): यूकैरियोटी, एककोशिक, झिल्लीबद्ध कोशिकांग होते हैं, स्वपोषी या विषमपोषी [citation:1][citation:2]।

प्रश्न 2:

प्रकाश-संश्लेषण करने वाले एककोशिक यूकैरियोटी जीव को आप किस जगत में रखेंगे?

उत्तर: प्रोटिस्टा (Protista) जगत में [citation:1]।

  • ये एककोशिक एवं यूकैरियोटी होते हैं ।
  • उदाहरण: एककोशिक शैवाल (Chlamydomonas, Diatoms) [citation:1]।

प्रश्न 3:

वर्गीकरण के विभिन्न पदानुक्रमों में किस समूह में सर्वाधिक समान लक्षण वाले सबसे कम जीवों को और किस समूह में सबसे ज्यादा संख्या में जीवों को रखा जाएगा?

उत्तर:

  • जाति (Species) – सर्वाधिक समान लक्षण वाले सबसे कम जीव [citation:1]।
  • जगत (Kingdom)सबसे ज्यादा संख्या में जीव [citation:1]।
पदानुक्रम: जगत > संघ > वर्ग > गण > कुल > वंश > जाति [citation:1]

पेज 98 – इनटेक्स्ट प्रश्न

प्रश्न 1:

सरलतम पौधों को किस वर्ग में रखा गया है?

उत्तर: थैलोफाइटा (Thallophyta) – इन्हें शैवाल (Algae) भी कहा जाता है [citation:1][citation:2]।

  • शारीरिक संरचना में विभेदीकरण नहीं पाया जाता है [citation:1]।
  • उदाहरण: स्पाइरोगाइरा, यूलोथ्रिक्स, कारा [citation:1]।

प्रश्न 2:

टेरिडोफाइट और फैनरोगैम में क्या अंतर है?
  • टेरिडोफाइट (Pteridophyta): बीज उत्पन्न नहीं करते, जनन बीजाणुओं (spores) द्वारा [citation:1][citation:2]।
  • फैनरोगैम (Phanerogams): बीज उत्पन्न करते हैं [citation:1][citation:2]।
टेरिडोफाइट में संवहन ऊतक होते हैं, लेकिन बीज नहीं [citation:1]।

प्रश्न 3:

जिम्नोस्पर्म और एंजियोस्पर्म एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न हैं?
जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms)एंजियोस्पर्म (Angiosperms)
नग्न बीज – बीज फल के अंदर नहीं होते [citation:1]।बंद बीज – बीज फल के अंदर होते हैं [citation:1]।
सदाबहार, काष्ठीय पौधे [citation:1]।पुष्पी पादप, जड़ी-बूटी, झाड़ी, वृक्ष [citation:1]।
उदाहरण: पाइनस, साइकस, देवदार [citation:1]।उदाहरण: गुलाब, आम, गेहूँ, चावल [citation:1]।

पेज 101-104 – इनटेक्स्ट प्रश्न

प्रश्न 1:

पोरीफेरा और सीलेंटरेटा वर्ग के जंतुओं में क्या अंतर है?
पोरीफेरा (Porifera)सीलेंटरेटा (Coelenterata)
शरीर में अनेक छिद्र होते हैं [citation:1][citation:2]।शरीर में एक देहगुहा होती है [citation:1][citation:2]।
अचल (आधार से चिपके) [citation:1]।जलीय, चलायमान [citation:1]।
उदाहरण: साइकॉन, स्पंज [citation:1]।उदाहरण: हाइड्रा, जेलीफिश, कोरल [citation:1]।

प्रश्न 2:

एनीलिडा के जंतु, आर्थ्रोपोडा के जंतुओं से किस प्रकार भिन्न हैं?
  • एनीलिडा (Annelida): शरीर खंडित, संधियुक्त पैर नहीं, बंद परिसंचरण तंत्र [citation:1][citation:2]।
  • आर्थ्रोपोडा (Arthropoda): शरीर खंडित, संधियुक्त पैर, खुला परिसंचरण तंत्र, बाह्य कंकाल [citation:1][citation:2]।
आर्थ्रोपोडा जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ है [citation:1]।

प्रश्न 3:

जल-स्थलचर और सरीसृप में क्या अंतर है?
जल-स्थलचर (Amphibia)सरीसृप (Reptilia)
त्वचा श्लेष्मी (नम) [citation:1]।त्वचा शल्कों से ढकी होती है [citation:1]।
अंडे बिना कठोर कवच के [citation:1]।अंडे कठोर कवच वाले [citation:1]।
हृदय त्रिकक्षीय [citation:1]।हृदय त्रिकक्षीय (मगरमच्छ में चार कक्षीय) [citation:1]।
उदाहरण: मेढक, सैलामेंडर [citation:1]।उदाहरण: छिपकली, साँप, कछुआ [citation:1]।

प्रश्न 4:

पक्षी वर्ग और स्तनपायी वर्ग के जंतुओं में क्या अंतर है?
पक्षी (Aves)स्तनपायी (Mammalia)
शरीर पंखों से ढका होता है [citation:1]।शरीर बालों से ढका होता है [citation:1]।
अग्रपाद पंखों में रूपांतरित [citation:1]।अग्रपाद सामान्य [citation:1]।
अंडे देते हैं (oviparous) [citation:1]।अधिकांश बच्चे जन्म देते हैं (viviparous) [citation:1]।
स्तन ग्रंथियाँ अनुपस्थित [citation:1]।स्तन ग्रंथियाँ उपस्थित (दुग्ध पोषण) [citation:1]।

अभ्यास (Exercises) – पाठ के अंत में दिए गए प्रश्न

प्रश्न 1:

जीवों के वर्गीकरण से क्या लाभ है?

उत्तर: जीवों के वर्गीकरण के लाभ [citation:1][citation:2]:

  • जीवों की पहचान आसान हो जाती है ।
  • जीवों के बीच समानताएँ एवं भिन्नताएँ स्पष्ट होती हैं ।
  • जीवों के विकास (evolution) को समझने में सहायता मिलती है ।
  • नए जीवों की खोज में सुविधा होती है ।
  • विभिन्न जीवों के अध्ययन को व्यवस्थित किया जा सकता है [citation:1]।

प्रश्न 2:

वर्गीकरण में पदानुक्रम निर्धारण के लिए दो लक्षणों में से आप किस लक्षण का चयन करेंगे?

उत्तर: अधिक मूलभूत लक्षण का चयन करेंगे [citation:1]।

  • मूलभूत लक्षण वह होता है जो जीव के अन्य लक्षणों को प्रभावित करता है [citation:1]।
  • जैसे – कोशिका संरचना (प्रोकैरियोटी/यूकैरियोटी) – यह जीव के सभी अन्य लक्षणों को प्रभावित करती है [citation:1]।

प्रश्न 3:

जीवों के पाँच जगत में वर्गीकरण के आधार की व्याख्या कीजिए।

उत्तर: व्हिटेकर (Whittaker) के पाँच जगत वर्गीकरण के आधार [citation:1][citation:2]:

  1. कोशिका संरचना – प्रोकैरियोटी या यूकैरियोटी
  2. कोशिकीय संगठन – एककोशिक या बहुकोशिक
  3. पोषण की विधि – स्वपोषी या विषमपोषी
  4. कोशिका भित्ति – उपस्थित या अनुपस्थित
पाँच जगत: मोनेरा → प्रोटिस्टा → फंजाई → प्लांटी → एनिमेलिया [citation:1]

प्रश्न 4:

पादप जगत के प्रमुख वर्ग कौन हैं? इस वर्गीकरण का क्या आधार है?

उत्तर: पादप जगत के प्रमुख वर्ग [citation:1][citation:2]:

  • थैलोफाइटा (शैवाल) – शरीर में विभेदीकरण नहीं
  • ब्रायोफाइटा – पादप शरीर विभेदित, संवहन ऊतक नहीं
  • टेरिडोफाइटा – संवहन ऊतक उपस्थित, बीज नहीं
  • जिम्नोस्पर्म – नग्न बीज
  • एंजियोस्पर्म – बंद बीज (फल के अंदर)

आधार: शरीर का विभेदीकरण → संवहन ऊतक → बीज → बीज की स्थिति [citation:1]

प्रश्न 5:

जंतुओं और पौधों के वर्गीकरण के आधारों में मूल अंतर क्या है?
  • पौधे: स्वपोषी होने के कारण शरीर की संरचना भोजन बनाने के अनुसार विकसित होती है [citation:1]।
  • जंतु: विषमपोषी होने के कारण शरीर भोजन ग्रहण करने एवं गति के अनुसार विकसित होता है [citation:1]।

प्रश्न 6:

वर्टीब्रेटा (कशेरुकी प्राणी) को विभिन्न वर्गों में बाँटने के आधार की व्याख्या कीजिए।

उत्तर: कशेरुकी जीवों को निम्न आधारों पर बाँटा गया है [citation:1][citation:2]:

  • मत्स्य (Pisces): शल्क, क्लोम, द्विकक्षीय हृदय, असमतापी [citation:1]।
  • जल-स्थलचर (Amphibia): श्लेष्मी त्वचा, त्रिकक्षीय हृदय, जल एवं स्थल दोनों पर [citation:1]।
  • सरीसृप (Reptilia): शल्की त्वचा, फेफड़े, असमतापी, कठोर अंडे [citation:1]।
  • पक्षी (Aves): पंख, चार कक्षीय हृदय, समतापी, उड़ने के लिए अनुकूलित [citation:1]।
  • स्तनपायी (Mammalia): बाल, स्तन ग्रंथियाँ, चार कक्षीय हृदय, समतापी [citation:1]।
मुख्य आधार: त्वचा की संरचना, श्वसन अंग, हृदय की संरचना, तापमान नियंत्रण (समतापी/असमतापी), जनन विधि [citation:1]
PDF डाउनलोड करें (Free)
WhatsApp Telegram