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कक्षा 9 विज्ञान – अध्याय 9

⚡ बल तथा गति के नियम

Force and Laws of Motion – पूरा हल हिंदी में। सभी Intext और Exercise प्रश्नों के उत्तर आसान भाषा में। RBSE एवं CBSE दोनों बोर्ड के लिए 100% सही एवं उपयोगी ।

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पेज 103 – इनटेक्स्ट प्रश्न

प्रश्न 1:

निम्न में किसका जड़त्व अधिक है – 5 kg द्रव्यमान की गेंद या 20 kg द्रव्यमान का पत्थर?

उत्तर: 20 kg द्रव्यमान के पत्थर का जड़त्व अधिक होगा।

जड़त्व (Inertia) किसी वस्तु के द्रव्यमान का माप है। द्रव्यमान जितना अधिक होगा, जड़त्व उतना ही अधिक होगा [citation:2][citation:8]। 20 kg > 5 kg, अतः 20 kg के पत्थर का जड़त्व अधिक है ।

प्रश्न 2:

संतुलित और असंतुलित बलों में अंतर स्पष्ट करें।
संतुलित बल (Balanced Force)असंतुलित बल (Unbalanced Force)
वस्तु पर लगने वाले सभी बलों का परिणामी बल शून्य होता है [citation:2]।वस्तु पर लगने वाले सभी बलों का परिणामी बल शून्य नहीं होता है [citation:2]।
यह वस्तु की गति या दिशा में परिवर्तन नहीं कर सकते [citation:2][citation:15]।यह वस्तु की गति या दिशा में परिवर्तन कर सकते हैं [citation:2][citation:15]।
उदाहरण: मेज पर रखी पुस्तक (भार और सामान्य बल) [citation:15]।उदाहरण: रस्साकशी में एक टीम का दूसरी से अधिक बल लगाना [citation:2]।

प्रश्न 3:

न्यूटन के गति के प्रथम नियम से हम बल की परिभाषा कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

उत्तर: न्यूटन के गति के प्रथम नियम (जड़त्व का नियम) के अनुसार [citation:2][citation:15]:

"प्रत्येक वस्तु अपनी स्थिर अवस्था या सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में बनी रहती है, जब तक कि उस पर कोई बाहरी असंतुलित बल कार्य न करे।"

इस नियम से बल को इस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है:

बल वह बाहरी कारक है जो किसी वस्तु की विराम अवस्था या एकसमान गति की अवस्था को बदलने का प्रयास करता है।

पेज 105 – इनटेक्स्ट प्रश्न

प्रश्न 1:

न्यूटन के गति के द्वितीय नियम के अनुसार किसी वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर किसके समानुपाती होती है?

उत्तर: न्यूटन के गति के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर, उस पर लगाए गए बल के समानुपाती होती है और यह परिवर्तन बल की दिशा में होता है [citation:3][citation:15]।

F = ma (बल = द्रव्यमान × त्वरण)

प्रश्न 2:

1 kg द्रव्यमान की वस्तु पर 1 m/s² का त्वरण उत्पन्न करने वाला बल कितना है?

उत्तर:

  • द्रव्यमान (m) = 1 kg
  • त्वरण (a) = 1 m/s²
  • F = ma = 1 × 1 = 1 N
1 N = 1 kg m/s² [citation:3]

इसे 1 न्यूटन बल कहते हैं। 1 न्यूटन वह बल है जो 1 kg द्रव्यमान की वस्तु में 1 m/s² का त्वरण उत्पन्न करता है [citation:3]।

प्रश्न 3:

न्यूटन के गति के तृतीय नियम को एक उदाहरण के साथ समझाएँ।

उत्तर: न्यूटन का गति का तृतीय नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम) [citation:3]:

"प्रत्येक क्रिया के लिए एक समान एवं विपरीत प्रतिक्रिया होती है।"

उदाहरण: जब हम फर्श पर कूदते हैं, तो हम फर्श पर बल लगाते हैं (क्रिया)। फर्श हम पर उतना ही बल विपरीत दिशा में लगाता है (प्रतिक्रिया), जिससे हम ऊपर की ओर कूदते हैं [citation:3][citation:15]।

ध्यान दें: क्रिया और प्रतिक्रिया दो अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं, इसलिए वे एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते [citation:7]।

अभ्यास (Exercises) – पाठ के अंत में दिए गए प्रश्न

प्रश्न 1:

कोई वस्तु शून्य बाह्य असंतुलित बल का अनुभव करती है। क्या वस्तु अशून्य वेग से गति कर सकती है?

उत्तर: हाँ, वस्तु अशून्य वेग से गति कर सकती है।

यह तभी संभव है जब वस्तु किसी निश्चित दिशा में स्थिर वेग से गतिमान हो। इस स्थिति में उस पर कोई शुद्ध असंतुलित बल कार्य नहीं कर रहा होता [citation:15]।

प्रश्न 2:

जब किसी कालीन को छड़ी से पीटा जाता है, तो उसमें से धूल क्यों निकल जाती है?

उत्तर: जब कालीन को छड़ी से पीटा जाता है, तो कालीन गति में आ जाता है। लेकिन धूल के कण अपने स्थिर अवस्था के जड़त्व के कारण स्थिर रहना चाहते हैं। इस कारण धूल के कण कालीन से अलग होकर बाहर निकल जाते हैं [citation:3][citation:15]।

प्रश्न 3:

बस की छत पर रखा सामान रस्सी से क्यों बाँधने की सलाह दी जाती है?

उत्तर: बस के अचानक रुकने या चलने पर, सामान अपनी गति की अवस्था में बने रहने (जड़त्व) के कारण छत से फिसल सकता है या गिर सकता है। रस्सी से बाँधने पर सामान सुरक्षित रहता है और दुर्घटना से बचा जा सकता है [citation:3]।

प्रश्न 4:

एक बल्लेबाज क्रिकेट की गेंद को हिट करता है, जो मैदान पर लुढ़कती है। कुछ दूरी तय करने के बाद गेंद रुक जाती है। गेंद धीमी होकर रुकती है क्योंकि:

उत्तर: गेंद की गति का विरोध करने वाला एक बल कार्य कर रहा है।

यह बल घर्षण बल है, जो गेंद की गति के विपरीत दिशा में कार्य करता है और उसे धीमा करके रोक देता है [citation:15]।

प्रश्न 5:

एक ट्रक विराम से चलना प्रारंभ करता है और एक स्थिर त्वरण से पहाड़ी से नीचे लुढ़कता है। यह 20 s में 400 m की दूरी तय करता है। इसका त्वरण ज्ञात करें। इस पर लगने वाला बल ज्ञात करें यदि इसका द्रव्यमान 7 मीट्रिक टन है।
  • प्रारंभिक वेग (u) = 0 m/s (विराम से)
  • समय (t) = 20 s
  • दूरी (s) = 400 m
  • s = ut + ½at²
  • 400 = 0 + ½ × a × (20)²
  • 400 = ½ × a × 400
  • 400 = 200a ⇒ a = 2 m/s²
  • द्रव्यमान = 7 मीट्रिक टन = 7000 kg
  • F = ma = 7000 × 2 = 14000 N
त्वरण = 2 m/s², बल = 14000 N

प्रश्न 6:

1 kg का एक पत्थर 20 m/s के वेग से झील की बर्फीली सतह पर फेंका जाता है और 50 m की दूरी तय करने के बाद रुक जाता है। पत्थर और बर्फ के बीच लगने वाला घर्षण बल ज्ञात करें।
  • प्रारंभिक वेग (u) = 20 m/s
  • अंतिम वेग (v) = 0 m/s
  • दूरी (s) = 50 m
  • v² = u² + 2as
  • 0 = (20)² + 2 × a × 50
  • 0 = 400 + 100a
  • a = –4 m/s²
  • F = ma = 1 × (–4) = –4 N
घर्षण बल = 4 N (गति के विपरीत दिशा में) [citation:3]

प्रश्न 7:

एक 8000 kg इंजन 5 डिब्बों (प्रत्येक 2000 kg) की ट्रेन को क्षैतिज पटरी पर खींचता है। यदि इंजन 40000 N का बल लगाता है और पटरी 5000 N का घर्षण बल लगाती है, तो:
(a) शुद्ध त्वरित बल
(b) ट्रेन का त्वरण
  • डिब्बों का कुल द्रव्यमान = 5 × 2000 = 10000 kg
  • कुल द्रव्यमान = 8000 + 10000 = 18000 kg
  • इंजन द्वारा लगाया गया बल = 40000 N
  • घर्षण बल = 5000 N
  • (a) शुद्ध त्वरित बल = 40000 – 5000 = 35000 N [citation:7]
  • (b) त्वरण = F / m = 35000 / 18000 = 1.94 m/s²

प्रश्न 8:

एक ऑटोमोबाइल वाहन का द्रव्यमान 1500 kg है। यदि वाहन को 1.7 m/s² की ऋणात्मक त्वरण (मंदन) से रोकना है, तो वाहन और सड़क के बीच कितना बल लगना चाहिए?
  • द्रव्यमान (m) = 1500 kg
  • त्वरण (a) = –1.7 m/s²
  • F = ma = 1500 × (–1.7) = –2550 N [citation:7]
बल = 2550 N (गति के विपरीत दिशा में)

प्रश्न 9:

m द्रव्यमान की वस्तु का v वेग से गतिमान होने पर संवेग क्या होता है?

उत्तर: p = mv [citation:8][citation:13]

संवेग = द्रव्यमान × वेग [citation:8]

प्रश्न 10:

200 N के क्षैतिज बल का उपयोग करके हम एक लकड़ी की अलमारी को फर्श पर स्थिर वेग से ले जाना चाहते हैं। अलमारी पर लगने वाला घर्षण बल क्या होगा?

उत्तर: 200 N [citation:7]

जब कोई वस्तु स्थिर वेग से गति करती है, तो उस पर कार्य करने वाला शुद्ध बल शून्य होता है। इसलिए लगाया गया बल और घर्षण बल एक-दूसरे को संतुलित करते हैं। अतः घर्षण बल = 200 N (गति के विपरीत दिशा में) [citation:7]।

प्रश्न 11:

न्यूटन के गति के तीसरे नियम के अनुसार, जब हम किसी वस्तु पर धक्का लगाते हैं, तो वह वस्तु भी हम पर समान और विपरीत बल लगाती है। यदि वह वस्तु सड़क के किनारे खड़ा एक विशाल ट्रक है, तो वह संभवतः नहीं हिलेगी। एक छात्र इसे सही ठहराता है कि दोनों विपरीत और समान बल एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं। इस तर्क पर टिप्पणी करें और समझाएँ कि ट्रक क्यों नहीं हिलती है।

उत्तर: छात्र का तर्क गलत है क्योंकि [citation:7]:

  • न्यूटन का तीसरा नियम दो अलग-अलग वस्तुओं पर लगने वाले बलों के बारे में है – ये बल एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते क्योंकि वे भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं [citation:7]।
  • ट्रक नहीं हिलती क्योंकि उसका द्रव्यमान बहुत अधिक है, जिससे उसका जड़त्व भी अधिक है [citation:3]।
  • हमारा बल उस विशाल द्रव्यमान को गति देने के लिए पर्याप्त नहीं होता [citation:3]।

प्रश्न 12:

200 g द्रव्यमान की एक हॉकी गेंद 10 m/s के वेग से चल रही है। इसे हॉकी स्टिक से इस प्रकार मारा जाता है कि यह अपने मूल पथ पर 5 m/s के वेग से वापस लौटती है। हॉकी स्टिक द्वारा लगाए गए बल के कारण हॉकी गेंद की गति में उत्पन्न संवेग परिवर्तन की गणना करें।
  • द्रव्यमान = 200 g = 0.2 kg
  • प्रारंभिक वेग (u) = 10 m/s (एक दिशा में)
  • अंतिम वेग (v) = –5 m/s (विपरीत दिशा में, अतः ऋणात्मक) [citation:8]
  • Δp = m(v – u) = 0.2 × (–5 – 10) = 0.2 × (–15) = –3 kg m/s [citation:8]
संवेग परिवर्तन = 3 kg m/s (विपरीत दिशा में) [citation:8]

प्रश्न 13:

10 g की एक गोली 150 m/s के वेग से क्षैतिज दिशा में चलती हुई एक स्थिर लकड़ी के गुटके से टकराती है और 0.03 s में रुक जाती है। गोली गुटके को कितनी दूरी तक भेदती है? गुटके द्वारा गोली पर लगाए गए बल के परिमाण की गणना करें।
  • द्रव्यमान (m) = 10 g = 0.01 kg
  • प्रारंभिक वेग (u) = 150 m/s
  • अंतिम वेग (v) = 0 m/s
  • समय (t) = 0.03 s
  • त्वरण (a) = (v – u) / t = (0 – 150) / 0.03 = –5000 m/s²
  • दूरी (s) = ut + ½at² = 150 × 0.03 + ½ × (–5000) × (0.03)² = 4.5 – 2.25 = 2.25 m
  • बल (F) = ma = 0.01 × (–5000) = –50 N
दूरी = 2.25 m, बल = 50 N (गति के विपरीत दिशा में)

प्रश्न 14:

दो वस्तुएँ, जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान 1.5 kg है, एक सीधी रेखा में एक-दूसरे के विपरीत दिशा में गति कर रही हैं। टकराने के पहले प्रत्येक का वेग 2.5 m/s है। टकराने के बाद यदि दोनों एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं तब उनका सम्मिलित वेग क्या होगा?
  • m₁ = m₂ = 1.5 kg
  • v₁ = 2.5 m/s, v₂ = –2.5 m/s (विपरीत दिशा में)
  • संवेग संरक्षण नियम के अनुसार [citation:7]:
  • m₁v₁ + m₂v₂ = (m₁ + m₂) V
  • 1.5 × 2.5 + 1.5 × (–2.5) = (1.5 + 1.5) V
  • 3.75 – 3.75 = 3V
  • 0 = 3V ⇒ V = 0 m/s [citation:7]
सम्मिलित वेग = 0 m/s
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